दर्रा खैबर तक भगवा ध्वज फहराने वाले महान तपस्वी संघ प्रचारक
स्व. माधव राव कोण्डोपंत मुल्ये
मा० श्री माधव राव जी का जन्म 7 नवम्बर 1912 को महाराष्ट्र के रत्नागिरि ज़िला अर्न्तगत “ओझरखोल" नामक गांव में एक अत्यंत निर्धन परिवार में हुआ । निर्धनता इतनी थी कि पूज्य पिता जी का साया सिर से उठ जाने पर परिवार की आजीविका हेतु उन्हें टायर ट्यूब की मुरम्मत जैसा काम करना पड़ा। एक मेधावी छात्र होने के नाते इन्होंने नागपुर से दसवीं की परीक्षा पास की।
1926 में आप राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक आद्य सरसंघचालक प० पू० डॉ॰ केशव राव बलिराम हेडगेवार जी के सम्पर्क में आए। उन्हीं के सानिध्य में रहकर मुल्ये जी ने राष्ट्रभक्ति व समाज सेवाव्रती बनने की दीक्षा ग्रहण की। मुल्ये जी की आंतरिक इच्छा इंजिनियर हो कर एक सफल उद्योगपति बनने की थी।
ट्रस्ट का उद्देश्य
भारतीय चिंतन के आधार पर सर्व साधारण के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास हेतु विभिन्न योजनाएं बनाकर उन्हें कार्यान्वित करना।
समाज जीवन की विभिन्न वर्तमान चुनौतियों का समाधान खोजने हेतु एवं भारतीय चिंतन के आधार पर अनुसन्धान करने हेतु शोध केन्द्र की स्थापना करना एवं संचालन करना ।
भारतीय चिंतन से प्रेरित विचारों को जनसाधारण में प्रसारित करने हेतु विभिन्न आधुनिक प्रचार माध्यमों एवं साधनों की सहायता से प्रचार प्रसार करना ।
नैतिक मूल्यों पर आधारित युगानुकूल शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन, लोक संस्कार, लोक जागरण, साहित्य, संगीत, कला, योग, पर्यावरण रक्षा आदि समाज जीवन के विभिन्न आयामों में विकास की योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित करना ।
आर्थिक अथवा सामाजिक दृष्टि से उपेक्षित क्षेत्रों में सर्वसाधारण के विकास हेतु विभिन्न कार्य योजनाएं बनाना तथा उन्हें क्रियान्वित करना ।
ट्रस्ट जहां उपरोक्त उद्देश्यों को पूर्ति हेतु कार्य योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित करेगा वहां समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत स्वैच्छिक संगठनों अथवा सामाजिक कार्यकर्त्ताओं की सभी प्रकार की सहायता भी करेगा।
समाज जीवन के विविध क्षेत्रों में समर्पण एवं सेवा भाव से कार्य करने हेतु जनसाधारण को प्रेरित करना एवं इस प्रकार का कार्य करने हेतु तत्पर कार्यकर्त्ताओं का प्रशिक्षण नियोजन आदि का प्रबंध कर उन्हें सभी प्रकार का सहयोग प्रदान करना।
ऐसे पूर्णकालिक कार्यकर्त्ताओं के, जो न्यास के उद्देश्यों में वैचारिक एवं व्यवहारिक आस्था रखते हैं, उनके योगक्षेम की व्यवस्था करना एवं उनके आश्रित परिवारजनों की आवश्यक सहायता करना ।
ट्रस्ट व्यापक समाजहित के ऐसे सभी कार्य करेगा जो उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति हेतु न्यासियों के बहुमत से करना आवश्यक प्रतीत हो ।
इन उद्देश्यों के प्रचार व प्रसार के लिए ये ट्रस्ट बनाया गया है और इसका कार्य भी प्रारम्भ हो गया है। प्रथम चरण में गुरदासपुर, अमृतसर एवं फिरोजपुर ज़िलों में चालीस से ऊपर स्थानों पर एकल अध्यापक शिक्षा संस्थानों में कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। ये ट्रस्ट पंजीकृत है और जो भी व्यक्ति इस कार्य की सहायता के लिए धन रूप में अपना योगदान देंगे उनको आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 जी के अन्तर्गत कर से छूट प्राप्त होगी।
सभी कार्यकर्ता बन्धुओं से विन्रम प्रार्थना है कि दानी सज्जनों के ध्यान में इस ट्रस्ट के सम्बन्ध में जानकारी लाई जाए ताकि उनका योगदान प्राप्त किया जा सके। सहायता रूप में चैक या ड्राफ्ट " श्री माधव राव मुल्ये सेवा ट्रस्ट", ऐन.ऐन. 622, गोपाल नगर, जालन्धर शहर के पते पर भेजे जा सकते हैं।"
Our Team
Our Working professionals